जी हां , सही सुना आपने मोदी सरकार के पास पुरे भारत में स्वच्छता अभियान चलाने के लिए फंड नही है और अब सरकार ने देश की प्राइवेट कंपनियों से मदद की गुहार लगाई है

कारपोरेट मामलो के राज्यमंत्री पी. पी. चोधरी ने कारपोरेट कंपनियों से कहा है की वो अपने सीएसआर (CSR) फंड का 7 फीसदी स्वच्छ भारत अभियान के लिए खर्च करें.

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान के लिए अब फंड की कमी पड़ रही है | ये सुनकर आप चोंक भी गए होंगे और आपका चोंकना भी एक हद तक सही है क्योंकि पिछले तीन साल से स्वच्छ भारत टैक्स लिया जा रहा है इसके बावजूद भी मोदी सरकार का ये कहना की हमारे पास स्वच्छ भारत के लिए प्रयाप्त फंड नही है शायद ही किसी के गले उतरे |

प्राइवेट कंपनियों पर चल सकता हे चाबुक
कारपोरेट मामलो के राज्यमंत्री पी. पी. चोधरी ने जिस तरह से प्राइवेट कंपनियों से गुहार लगाई है की वो स्वच्छ भारत के लिए अपना CSR फंड का सात फीसदी हिस्सा इस मिशन में लगाये तो आगे चलकर ये भी हो सकता है की इन कंपनियों के लिए ये फंड अनिवार्य कर दिया जाये |

2 अक्टूबर तक चलाया जायेगा अभियान
इसके अलावा राज्यमंत्री पी. पी. चोधरी ने प्राइवेट कंपनियों से पुरे भारत में ग्राम पंचायतो में स्वच्छ भारत मिशन के होर्डिंग लगाने को भी कहा | चोधरी ने ये आदेश लिखित रूप में देश की बड़ी कंपनियों को भेज दिए है जिसका उन्होंने ट्वीट के जरिये जानकारी दी